हम सबको मिलकर इस बुराई को जड़ से समाप्त करना होगा। तभी हम सच में कह पाएंगे कि खेल में राष्ट्र सर्वोपरि है, कोई सौदा नहीं। खेल भावना का, राष्ट्र का सम्मान; मैच फिक्सिंग नहीं, यही पहचान।