अरे दीदी! आपने तो यहाँ सब्जी के छिलके फेंक दिए। कोई फिसल कर गिर गया तो?
साहब जी, पॉलिथीन मत उड़ाइए। गाय खाएगी तो मर जाएगी। नाला जाम होगा, बारिश में पानी भरेगा।
लो जी, ग्राहक को सामान। पॉलिथीन ले जाओ, बाद में कहीं फेंक देना। ये सड़क है, इसका मालिक कोई नहीं। (पॉलिथीन हवा में उड़ाते हैं) Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
कूड़े का बोझ और शहर का चेहरा
अरे छोड़ो न राजू, साहब सड़क पर ही कूड़ा डालते हैं। मैं क्या कमीनी से डालूं? दृश्य 2: पॉलिथीन का आतंक (साहब अपनी दुकान से पॉलिथीन में सामान निकाल कर पॉलिथीन उड़ा देते हैं) अरे दीदी
दूत जी, पर हम तो गरीब हैं। डस्टबिन कहाँ है? सफाई कर्मी कहाँ है?
मैं हूं स्वच्छता का संदेशवाहक। सुनो मेरी वाणी, बदलो अपनी कहानी। गंदगी वो दीवार है, जो खुशियों को रोकती है। स्वच्छता वो चाबी है, जो सेहत का दरवाजा खोलती है। एक बार नहीं, हर रोज सफाई करो। खुद भी स्वच्छ रहो, दूसरों को भी समझाओ। Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
अब आप बताइए, क्या आप भी ये प्रण लेंगे?